
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। भ्रष्टाचार पर प्रहार: कोर्ट के आदेश को ठेंगे पर रखने वाला रिश्वतखोर ‘बड़ा बाबू’ सलाखों के पीछे ।।
उत्तर प्रदेश।
बस्ती। सरकारी तंत्र में दीमक की तरह फैले भ्रष्टाचार का एक और घिनौना चेहरा सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) विक्रमजोत में तैनात ‘बड़ा बाबू’ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विडंबना देखिए, जिस एरियर्स के भुगतान के लिए न्यायालय ने आदेश जारी किया था, उसी पर कुंडली मार कर बैठा यह बाबू एक महिला कर्मचारी से सेवा के बदले ‘मेवा’ (रिश्वत) मांग रहा था।
वीडियो हुआ वायरल, खुली पोल
भ्रष्टाचार का यह खेल तब बेनकाब हुआ जब आरोपित बाबू का एएनएम सुनीता वर्मा से घूस लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। वायरल वीडियो में बाबू की बेशर्मी साफ नजर आ रही थी, जिसके बाद विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि पीड़िता का एरियर्स भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था और बाबू बिना सुविधा शुल्क के फाइल आगे बढ़ाने को तैयार नहीं था।
खाकी की सक्रियता: दबिश देकर दबोचा
जिले के तेज-तर्रार पुलिस अधीक्षक डॉ. एस.वीर सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। क्षेत्राधिकारी हर्रैया स्वर्णिमा सिंह के पर्यवेक्षण में छावनी पुलिस ने जाल बिछाया।
थानाध्यक्ष छावनी चंदन कुमार, विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशिशेखर सिंह और उप-निरीक्षक सभाजीत मिश्र की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ही दबिश देकर प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को धर दबोचा। पुलिस की इस तत्परता ने संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह कानून से बच नहीं सकता।
“कोर्ट के आदेश की अवहेलना और कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम कर रहा है और आरोपित को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।”
सिस्टम के लिए बड़ा सबक
यह गिरफ्तारी उन बाबुओं के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो सरकारी दफ्तरों को अपनी जागीर समझते हैं। एएनएम सुनीता वर्मा जैसी जागरूक पीड़िता और पुलिस की सक्रियता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जंग को मुकाम तक पहुँचाया है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग ऐसे दागी कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई का चाबुक कब चलाता है।
















